दोस्तों जिंदगी में ऐसे बहुत से शन् आते हैं जब हमारे सामने कई रस्ते होते हैं या ऐसे शन् जब कोई भी रास्ता नही होता । तब एक सवाल जो हमेशा हमारे दिमाग में बवाल मचा के रखता है वो है " क्या करूँ में ?"
हमारी जिंदगी और उस से जुड़ा हर पहलू हमारे हाथ में होता हैं या यूँ समझ लें की आपकी जिंदगी एक पतंग है जिसे आप ख़ुद उड़ा रहे हैं और समय वो डोर है जो आपके हाथ में होती है। आपके हाथ से निकली और पतंग से जुड़ी अगर डोर की उस लम्बाई को वो समय मान ले जो बीत गया तो ज़रा गौर फरमाए की कभी वोह डोर का हिस्सा भी आप ही के हाथ में था । जी हाँ ! वोह समय कभी आपके ही हाथ में था । उस हाथ से छूट ते हुए डोर के हिस्से के साथ अपने जो कुछ भी किया उसका असर आपकी पतंग पे हुआ , आपकी पतंग उप्पर उठी या निचे गिरी सब उसने तय किया। ठीक उसी तरह आपके जिंदगी में आए हर बवाल का कारन है वोह शन् जो आपने बिताये , और वोह शन् कैसे बिताये ? यह तो अब आप ही जानते है ।
इस बात में कोई शक्क नही की हम जो जिंदगी आज जी रहे है वोह हमारे कल की देन है पर साथ ही साथ यह भी नही भूलना चाहिए की वो कल भी तो कभी आज था। उस कल में भी कभी उतनी ताक्कत थी जितनी आज इस बीत रहे पल में है, आपकी जिंदगी बदलने की ताक्कत, एक नई दिशा देने की ताक्कत। वो सब कुछ था उस कल में जो आज के इस पल में है।
जिंदगी अगर वैसे न हो जैसे आप चाहते हैं तोह कभी दुखी मत होना , समझ जाए की आप के कल में कुछ गड़बड़ थी । कुछ तो ग़लत हुआ है आपके कल में पर अब दुखी होने से अच्छा है की आप इस पल को कल की तरह वेअर्थ न गवाए । आज अच्छा नही गया तो कोई बात नही अपना कल तो मत ख़राब होने दें. इस आज को वो पहले वाले कल में न बदलने दे जिसने आपको दुःख दिया ।
इसलिए जब कभी भी यह सवाल सामने ए की" मैं क्या करूँ" तो अपने दिल और दिमाग दोनों को एक साथ इस्तेमाल करें और फेसला लें क्यूंकि याद रखे की आपका आज आपका आने वाला कल को तय करता है । और अगर आप अपने आने वाले कल को हसींन बनाना चाहते हैं तो अपने आज को बेहतरीन बना दे।
Tuesday, June 24, 2008
Subscribe to:
Posts (Atom)
